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#sridevi 5

चांदनी…ओ मेरी चांदनी #sridevi

  कलागृह में लोग इकट्ठा होने  शुरू हो गए थे । परंतु आज दिलों में वो उमंग नही थी , हवाओं में घुंघरुओं सी थिरकन नही थी, चांद जैसे अपनी चांदनी बिखेरना ही भूल...

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