Tagged: #fridayfotofiction

#sridevi 5

चांदनी…ओ मेरी चांदनी #sridevi

  कलागृह में लोग इकट्ठा होने  शुरू हो गए थे । परंतु आज दिलों में वो उमंग नही थी , हवाओं में घुंघरुओं सी थिरकन नही थी, चांद जैसे अपनी चांदनी बिखेरना ही भूल...

#चौराहे पर आ गयी 13

चौराहे पर आ गयी ज़िन्दगी #fridayfotofiction

  जैसे किसी  चौराहे पर आ गयी ज़िन्दगी पहला रास्ता खुद की तरक्की व आत्मनिर्भरता की ओर ले जाता है , तो  दूसरा रास्ता परिवार की ख़ुशी की ओर कोशिश की ताकि  दोनों रास्ते ...

प्रतिष्ठा 9

प्रतिष्ठा #fictionwriting #fridayfotofiction

कितना फर्क़ है दोनों माँओं में एक वो  माँ थी जो कूड़े के ढेर में फेंक गयी थी मुझे , और एक यह माँ है जो इतने सुंदर खिलौनों से सजे पालने में मुझे...

fridayfotofiction 11

Car Parking #writetribeproblogger #fridayfotofiction

रात के 1  बजे , सेंट्रल मॉल की पार्किंग तकरीबन खाली हो चुकी थी I  अंत में जब सिक्योरिटी गार्ड अजय घर जाने लगा तो एक चीख ने उसके पाँव रोक दिए I चारों ओर...

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