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मेरी अख़बार मेरे दिन की शुरुआत अच्छी क्यूँ नहीं करती ?

मेरी अख़बार मेरे दिन की शुरुआत अच्छी नहीं करती कहीं हत्या ,कहीं चोरी , कहीं बलात्कार की खबर बयाँ करती कहीं भुखमरी से मरते बच्चे तो कहीं क़र्ज़ के तले दबे किसान द्वारा आत्महत्या...

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Aankhen आँखें–the unforgettable

ज़िंदगी में बहुत से लोग मिलते हैं , बिछड़ते हैं, सभी के साथ खट्टी मीठी यादें बनती हैं I किसी के साथ कुछ ही समय का  रिश्ता रहता है तो  किसी के साथ आजीवन...

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मज़ेदार पाठशाला It’s not late to go to Pathshala Funwala

उसकी मुस्कान बहुत प्यारी है । जब भी वो घर आता है तो उसे देख मैं भी मुस्कुराये बिना नही रह पाती । पास ही के एक हिंदी मीडियम सरकारी  स्कूल में आठवीं कक्षा...

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