मेरी अख़बार मेरे दिन की शुरुआत अच्छी क्यूँ नहीं करती ?

मेरी अख़बार मेरे दिन की शुरुआत अच्छी नहीं करती

कहीं हत्या ,कहीं चोरी , कहीं बलात्कार की खबर बयाँ करती
कहीं भुखमरी से मरते बच्चे तो कहीं क़र्ज़ के तले दबे किसान द्वारा आत्महत्या
बिहार के बालिका गृह की पीड़ितों का दर्द, तो बुराड़ी में अन्धविश्वास में लिपटे पुरे 11 लोगों के परिवार  का किस्सा
मेरी अख़बार ये कैसी नकारात्मक ख़बरें मुझे सुनाती है ?

मेरी अख़बार मेरे दिन की शुरुआत अच्छी नहीं करती
दहेज़ , भ्रूण हत्या , बलात्कार तो दीमक की तरह देश को खा रही हैं
नन्ही बच्चियां हों या बूढ़ी औरत कोई भी बख़्शा नहीं जा रहा , क्यों निर्भया को अभी तक इंसाफ नसीब नहीं हो रहा
नाबालिग लड़कियों के खतने की प्रथा मेरा दिल दहलाती है , ऐसे भयंकर अपराध की कथा मेरी अख़बार सुनाती है

दिमागी पागलपन की हद देखिये
हरियाणा में कुछ इंसानों ने एक गर्भवती बकरी से सामूहिक दुष्कर्म किया , ऐसा मेरी अख़बार  आज  मुझे बताती है
मेरी अख़बार मेरे दिन की शुरुआत अच्छी नहीं करती

देश की सीमा पर कई आतंकियों से मुठभेड़ ,कई जवान कई आतंकी ढेर
धर्म के नाम पर बढ़ते विवाद
और आरक्षण को लेकर सुलगता मराठा आंदोलन का संवाद
महाराष्ट्र के 33  लोगों की बस हादसे में मौत , तो कई राज्यों में बाढ़ से सैंकड़ों परिवारों में शोक
मेरी अख़बार मेरे दिन की शुरुआत अच्छी क्यूँ नहीं करती ?

पाखंडी बाबाओं का पर्दाफाश होने के बाद भी लोगों में अपार श्रद्धा है
पाखंडी है , रेप आरोपी है तो क्या हुआ ? गुरु पूर्णिमा पर तो बाबा  अब भी  भगवान् है

देश की राजधानी में बढ़ता वायु प्रदुषण और हमारे सम्पूर्ण भारत की पवित्र नदियों का जल प्रदुषण
इंसान , पशु-पक्षी , वातावरण , जल स्तर सब कुछ है खतरे में …ऐसा समाचार मेरी अख़बार मुझे सुनाती है
मेरी अख़बार मेरे दिन की शुरुआत अच्छी नहीं करती

काश ऐसा समय जल्द आये
मैं अख़बार उठाऊं तो सामने आये – आज से धर्म , जाति, रंग , भेद ,सब ख़त्म , हम सब बस एक
ना तू हिन्दू ना मैं मुसलमान , ना तू भारत ना मैं पाकिस्तान
किसी देश की कोई सीमा नहीं , कोई सुरक्षाकर्मी नहीं , कोई राजनीती नहीं

काश ऐसा समय जल्द आये
नारी का सम्मान सच्चे दिल से किया जाये
केवल दुर्गा की मूरत को नहीं बल्कि हर नारी में दुर्गा रूप को पूजा जाये

कचरा कूड़ा कोई ना फैलाये , स्वच्छ भारत के साथ साथ हरेक का मन भी निर्मल बन जाये
आसमान में बैठा भगवान भी सहयोगी बन जाये , किसी की भूकंप में या अन्य प्राकृतिक आपदा में जान न जाने पाए
काश ऐसा समय जल्द आये
मैं अख़बार उठाऊं तो सब सकारात्मक ही सामने आये

 

This post is a part of Write Over the Weekend, an initiative for Indian Bloggers by BlogAdda.’  The prompt for this week is to write a news story that you would like to read.

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