चिट्ठी– Book review in hindi “The Postbox”

आप सोच रहे होंगे  कि आजकल के युग मे पोस्टबोक्स या चिट्ठी की बात कौन करता है । बस एक छोटा सा व्हाट्सअप मैसेज किया या 2-3 लाईनों की email लिखी , हो गया काम खत्म। पर याद करिये वो समय जब हम एक दुसरे को चिट्ठी लिखा करते थे , कागज पर लिखे उन शब्दों से जो भाव व्यक्त होते थे वो तो आज के युग मे गायब ही हो चुके हैं। पूरे घर में खुशी की लहर दौड़ जाती थी जब वो नीले से रंग के inland letter पर किसी अपने के दिल की गहराईयां पढ़ने को मिल जाती थीं।

कुछ ऐसा ही पढ़ने को मिला पुस्तक ” The postbox ” में जो  #The Blog chatter Ebook Carnival का हिस्सा है ।यह पुस्तक  Reema D’souza द्वारा लिखी गयी है जो पेशे से एक engineer है।

इस पुस्तक में लेखिका ने A से  लेकर Z तक हर अक्षर से एक चिट्ठी लिखी है जो कभी उसके प्रियजनों को सम्बोधित है , कभी उसके शहर को, कभी उस business को जो वह करना चाहती थी पर कर न सकी , कभी उन शब्दों को संबोधित करके लिखा है जो उसे ज़िन्दगी में प्रेरणा देते हैं , तो एक चिट्ठी ऐसी भी है जो उसने भगवान को लिखी है ।
सबसे प्यारी चिट्ठी मुझे वह लगी जो भगवान को लिखी गयी है । भगवान से ये पूछना ” कैसे हैं आप ” , हम इंसानो के द्वारा किये जा रहे कर्मों से दुखी होंगे शायद ? बहुत सुंदर लिखा है , पढ़के देखिये ।
लेखिका ने अपने माता ,पिता  , दोस्तों को सम्बोधित करके जो चिट्ठियां लिखी हैं वे बहुत प्यारी , दिल को छू लेने वाली व भावुक कर देने वाली हैं । किस तरह से वो अपने पिता को ( जो इस संसार को छोड़कर जा चुके हैं)  miss करती हैं और अभी भी उनसे अंतर्मन में प्यार, ज्ञानदर्शन व आशीर्वाद प्राप्त कर पाती हैं ।
लेखिका का जो business करने का सपना था उसे भी संबोधन करके लिखा गया ही कि तुम मेरे मन से कहीं जाना मत , आसपास ही रहना , हालांकि अभी  किसी कारणों से मैं तुम्हे पूरा नही कर पाई पर रिटायरमेंट के बाद मैं और तुम एक हो जाएंगे । पुस्तक पढ़ते समय मैं  इस चिट्ठी से कुछ ज़्यादा relate कर पाई क्योंकि कहीं न कहीं मेरे दिमाग के किसी कोने में भी यही वाले  business का सपना अटक कर बैठा है ।
जब लेखिका W अक्षर से लिखने लगती हैं तो बहुत ही unique शब्द पर लिखती हैं । एक ऐसा शब्द जिसके साथ प्यार व मज़ाक के तरीके से नोक झोंक की जा रही है कि ” क्यों तुम कभी कभी मेरे दिमाग को सुन्न कर देते हो ? मैंने क्या बिगाड़ा है तुम्हारा ? ” यह चिट्ठी पढ़कर मज़ा आया कि जो शब्द लेखिका को लिखने से रोकता है , उसी शब्द के बारे में कितने ही शब्द व्यक्त कर दिए हैं । पढ़िये ज़रूर आप भी ।
कुल मिलाकर यह पुस्तक प्यारी चिट्ठियों का संग्रह है जो आजकल के digital युग से काफी हटकर है। इस पुस्तक को पूरा पढ़ने के लिए यहां जाईये और  download  करिये।
About the  author of book : Reema D’souza just loves to write. Apart from writing, reading, music, nature and sports are the other things she loves.

In this era of instant messages, it always feels good to receive a letter from someone. Writing a letter to someone is equally gratifying as well. Letters sometimes convey your deepest emotions. So each of the 26 letters, is a letter to someone or to something. The people or things that the letters are written to are a part of the author’s life. 

Monika

Hi, I am Monika, an educationist for the last 17 years and a mom to a daughter for the last 11 years . Give me a hot cup of masala tea with some snacks plus a laptop and I am happy ! My Blog is a mixed bag of my observations ,learnings and experiences . To me , life is love, life is helping & learning from each other. Life is not that complex -We just have to stop overthinking .

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