Needle through a balloon

आज स्कूल में science activities करवाई जा रही थी .बच्चे बहुत ही ध्यान से science activities का मज़ा ले रहे थे . छोटी छोटी activities से science को interesting बनाकर समझाया जा रहा था . बच्चों को कभी लगता के वो science show देख रहे हैं कभी लगता magic show देख रहे हैं.

उनमे से एक एक्टिविटी का नाम था ” Needle through a balloon

बच्चों से पूछा गया के एक हवा भरे गुब्बारे के आर पार needle जा सकती है ?….सभी झट से बोले ” नहीं नहीं ये तो कभी नहीं हो सकता ..balloon तो फट जायेगा ”

पर जब teacher ने activity perform करके दिखाई तो needle आसानी से गुब्बारे के आरपार हो गयी और गुब्बारा नहीं फटा ….सब surprised थे .

जब टीचर ने इस activity की explanation दी तो समझाया गया के हवा भरे गुब्बारे की एक ख़ास प्रॉपर्टी होती है जिसका नाम है surface tension . जहाँ से हम balloon को knot करते हैं उसके ठीक निचे वाले हिस्से पर balloon थोड़ा सा thick  होता है और उस point पर surface tension कम होती है . जब हम वहां से needle को डालने की कोशिश करते हैं तो needle आरपार हो जाती है और balloon अपनी original form में ही रहता है जबकि balloon के बाकि हिस्से पर surface tension ज़्यादा होती है और जैसे ही हम needle डालने का प्रयास करते हैं तो balloon फट जाता है

क्या ऐसा ही कुछ हमारी ज़िंदगी में भी नहीं हो रहा ? हम सबकी ज़िन्दगी में tension बहुत ज़्यादा है जिस वजह से अगर कोई needle रुपी problem हमारी life में आ जाती है तो हम burst हो जाते हैं.. अंदर से हिल जाते हैं …….अगर हमने ज़िन्दगी में टेंशन कम रखी होगी तो किसी भी type की कोई needle (problem )हमारे अंदर से आरपार हो जाएगी …बिना हमारा स्वरुप बिगाड़े …..

इसलिए हमे अपनी लाइफ को ऐसे ही एक गुब्बारे के जैसी बनाना है की कोई भी मुश्किल आये और हमे पता भी न चले ….हम एक free minded balloon की तरह आसमान में उड़ते रहें…………..

Thanks for reading ……Take care

 

 

Monika

Hi, I am Monika, an educationist for the last 17 years and a mom to a daughter for the last 11 years . Give me a hot cup of masala tea with some snacks plus a laptop and I am happy ! My Blog is a mixed bag of my observations ,learnings and experiences . To me , life is love, life is helping & learning from each other. Life is not that complex -We just have to stop overthinking .

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