ICICI Bank CEO’s letter to her daughter

Chanda Kochhar, ICICI bank की CEO हैं. राजस्थान में जन्मी Chanda Kochhar 2009 से ICICI बैंक की CEO हैं . इन्होने बैंकिंग के क्षेत्र में बहुत योगदान दिया जिसके लिए इन्हे padmabhushan award भी दिया गया. इनके 2 बच्चे हैं आरती और अर्जुन.

Chanda Kochhar ने अपनी बेटी आरती के नाम एक letter लिखी जिसमे family ,relationships ,work -life balance की importance को बताया


उस letter में से कुछ ख़ास प्रेरणादायक अंश पढ़िए:—

1. Work -Life Balance

माँ (chanda kochhar ) ने अपनी बेटी को लिखा ” आरती , तुम्हे याद है जब तुम US में पढ़ रही थी और मेरे CEO बनने की news हर तरफ छायी थी तब तुमने मुझे mail की थी ” माँ,आपने तो कभी हमको ये एहसास ही नहीं होने दिया के आपका career इतना stressful और demanding है ….घर पर तो आप सिर्फ हमारी माँ थी ” My dear aarti ,तुम भी अपनी life ऐसे ही जीना जिसमे work और life का बैलेंस हो….

Parents ,especially working parents को चाहिए के वो अपने career के साथ साथ अपनी life और relationships पर बहुत ध्यान दें. relationships have to be nurtured . अपने घर और परिवारवालों के साथ good relationships में investment करें …..इस investment से आपको प्यार,ख़ुशी और आदर के रूप में जो revenue मिलेगा वो priceless होगा . सिर्फ पैसा और नाम कमाने में न लगे रहें ..ज़िंदगी में और भी कई कुछ है कमाने को…

2. Learn to deal with all kind of situations in life

Chanda kochhar लिखती हैं ” मैं बहुत छोटी थी जब हमारे पापा की हार्ट अटैक से death हो गयी. ऐसे में हमारी माँ ने हम तीन भाई बहनो की ज़िम्मेवारी संभाली और उसे बखूबी निभाया…..” मैंने अपनी माँ से ही सीखा है के किसी भी मुश्किल situation को शांत मन से कैसे handle करें और जीवन में आगे बड़े .यही मंत्र मुझे अपने banking career में भी काम आया . जब कुछ साल पहले ICICI बैंक आर्थिक संकट से गुज़र रहा था तब भी मैं एक दिन समय निकाल कर तुम्हारे भाई अर्जुन का squash टूर्नामेंट देखने गयी मेरे वहां जाने भर से कई लोगों का मुझमे और बैंक में भरोसा फिर से बढ़ने लगा क्यूंकि उन्हें लगा कि अगर ऐसे मुश्किल हालात में भी बैंक की CEO मैच देख सकती है तो इसका मतलब बैंक safe हाथों में है .

एक बार जब तुम्हारे board exams शुरू होने थे तो मैंने ऑफिस से leave ली ताकि तुम्हे खुद examination hall ले जा सकूँ. जब तुम्हे पता चला के मैं आ रही हम तो तुम बोली ” माँ पिछले कई बार से तो मैं अकेले ही exam के लिए जा यहीं हु ” यह सुनकर मुझे थोड़ा pinch हुआ but अगर दूसरे तरीके से देखा जाये तो इस तरह तुम छोटी उम्र से ही independent बन गयी.

3. Have a very good relationship with your partner

अक्सर हम working women के लिए जो सबसे पहली रुकावट आती है वो है lack of support from family . अगर आपका life partner अच्छा है तो वो आपकी तरक्की में catalyst (उत्प्रेरक ) की तरह काम करेगा. जहाँ मैं आज हूँ उसमे तुम्हारे पापा का बहुत बड़ा योगदान है . उन्होंने या तुमने एक बार भी शिकायत नहीं की जबकि मैं बहुत समय घर के बाहर रहती थी. अगर तुमने किसी प्रकार की शिकायत की होती तो मुझमे अपना career बनाने की हिम्मत नहीं होती ………….dear aarti मुझे hope है तुम भी अपने lifepartner के साथ ऐसा ही रिश्ता बनाओगी

Aarti बेटा याद रखो …..एक औरत के जीवन में कई बार किसी किये गए decision पर उंगलिया उठेगी ,तर्क वितर्क किये जायेंगे ,judgements की जाएँगी पर तुम्हे अपना judge खुद बनना है और वही करना है जो तुम्हे लगे तुम्हारे लिए best है ….

आसमान छूने का लक्ष्य रखो but धीरे धीरे कदम बढ़ाओ ….हर छोटे से छोटा कदम सफर को पूरा करने में मदद करता है ….हर कदम का लुत्फ़ उठाओ.

अच्छा और बुरा दोनों तरह के समय आएंगे पर तुम दोनों को समभाव से accept करना और जीवन में आगे बढ़ते जाना

तुम्हारी
mumma

Author: Monika

Hi, I am Monika, a teacher by profession and a part time blogger by interest. I share my thoughts about life here at AluBhujia . You can find my thoughts in Hindi as well as English language. To me , life is love, life is helping each other & learning from each other.

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